बिन्दोरी
A Traiditional Art of Tonk
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ढोलक अलगोजा एक कला है जो कि राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीणो के मनोरंजन का साधन है। जब मनोरंजन के आधुनिक साधन नहीं थे जब ग्रामीण लोग ढोलक अलगोजा की मदद से गाव मे बिन्दोरी निकाल कर मनोरंजन करते थे। गांवो में बिन्दोरी का प्रयोग बहुत होता है गांवो मे इसकी वजह से क्षेत्र के लिए आपस में कृषि व पषुपालन से जुडे आजिविका के मुद्दों पर आपस में खुलकर चर्चा करते है जिससे विकास व आजिविका के मुद्दों पर अच्छा वातावरण निमार्ण होता है । समुदाय व प्रषासनिक तथा राजनैतिक स्तर पर अच्छा समन्वय बना रहता है।
इस वाध्य कला का प्रवाह इस तरह से होता है कि लोग सारी समस्या को भूलकर मस्ती में आ जाते है।जैसे-जैसे पष्चिमी सभ्यता गांवो की तरफ बढ़ने लगी। लोगों का झुकाव इस कला की तरफ कम हुआ । साथ ही पिछले 25-30 सालों से लोग विकास की धारा के साथ सन्तुलन नही बिठा सके जिससे लोगों में समस्याएं बढने लगी हैं। साथ ही मनोरंजन के दूसरे साधनो ने गावों मे एक दम से अपना प्रभाव गावों में फैलाया जिससे भी इसकी तरफ लोगों का ध्यान हट गया। पूराने लोग इसको जारी रखने की स्थिति मे नही रहे अभी भी कुछ एक गावों में वो लोग समय-समय पर इसका प्रयोग करते है लैकिन इसकी पहुँच उन तक ही सीमित है।
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